VPN क्या है ?

आप सब जानते ही होंगे की हर दिन Internet  Users की संख्या बढ़ती जा रही है। हर किसी के पास Smartphone आ चुके है। ज्यादातर लोगो के घर आज की तारीख में Laptops और Computers है। इंटरनेट पे हम सब रोज बहोत सी चीजे ढूंढते है और उसपर बहोत सारा काम भी करते है। जैसे की Online Transaction, Research, Youtube, Website Open करना आदि। इसके लिए हमें यहापर हमारा Login Account बनाना होता है और साथ ही में हम Internet पर बहोत सी चीजे Share करते है। इसीलिए यह सब बहोत खतरनाक भी साबित हो सकता है। क्योंकि Internet की दुनिया जितनी अच्छी और ज्ञानवर्धक है उतनी ही यहाँ पर बुरी चीजे भी होती है। जैसे की account hack होना, Personal चीजे चोरी करके Blackmail करना। 

Internet पर हर दिन Hackers की मात्रा बढ़ती जा रही है। इसके चलते वह आपके डाटा को चोरी भी कर सकते है। इसीलिए आज Technical DJ की तरफ से हम आपके लिए इसका solution लेकर आये है। इसका Solution है VPN इसके बारे में आपने जरूर सुना होगा। आज हम इस आर्टिकल में जानेगे की VPN क्या होता है ? VPN कैसे काम करता है ? इसके लिए यह Article आपको पूरा पढ़ना होगा। 


VPN क्या है ?

VPN का Fullform Virtual Private Network होता है। unsecure internet और Wifi पर Transaction करना और web surfing करना मतलब personal data और Browsing को खतरे में डालना है क्योंकि यह कभी भी चोरी हो सकता है। लेकिन Virtual Private Network (VPN ) हमें Protected Network Provide करता है। यह आपके Internet Traffic को एन्क्रिप्ट करके आपकी Online पहचान को छुपाता है। इसलिए Third Parties को आपका Data चुराना मुश्किल हो जाता है। VPN आपके Device को Server Computer पर Connect कर देता है और आप उसका use करके secure internet connection इस्तेमाल कर सकते है। VPN Legal होते है और इसका इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है। Individual के साथ इसका इस्तेमाल कम्पनिया भी करती है। ताकि अपने डाटा को Hackers से बचाया जा सके। इसका इस्तेमाल ऐसे contries में भी होता है जहा पर highly restrictive government हो। 
India में बहोत सी जगहों पर Public Network Use किया जाता है। Public Network पर अपनी Online Security के लिए VPN का Use करना सही होता है। अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा की यह VPN काम कैसे करता है। आगे हम इसके बारे में पढ़ेंगे। 



VPN कैसे काम करता है ?

जब आप एक Secured VPN Server पर कनेक्ट होते है तब आपका Internet Traffic एक Encrypt Tunnel से होकर गुजरता है। इस वजह से आपके डाटा को कोई Read नहीं कर पायेगा। Government, Hackers और आपका Service Provider भी इसे देख नहीं पायेगा। 
जब हम बिना VPN के वेबसाइट का एक्सेस लेते है तब वह एक्सेस हमें इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) से मिलता है। लेकिन ISP हमारे Traffic और डाटा को पूरी  तरह से Handel करता है। इसीलिए वह उन वेबसाइट का पता लगा सकता है, जिन्हे हम विजिट करते है। इसका मतलब हमारा डाटा सिक्योर होने के chances बहोत कम हो जाते है। 

जब हम Internet के साथ Connect होकर VPN Use करते है। तब आपका VPN app और Software VPN Server से Secured Internet Provide करता है। हमारा Internet ISP से ही आता है लेकिन VPN की मदत से ISP हमारी Final Destination नहीं देख पाता और हमारा IP Address भी हाईड हो जाता है। 

VPN की जरूरत क्यों पड़ी ?

VPN को 1996 में Microsoft के द्वारा डेवलप किया गया था। ताकि जो लोग office के बाहर रहकर काम करते है वह सिक्योर तरीके से Office Server Use कर सके इसीलिए। इस वजह से Microsoft की Productivity Double हो गई थी। इसीलिए बाकि कम्पनीज ने भी VPN का Use करना शुरू कर दिया। 

VPN का Use कब -कब करना चाहिए?

अगर आपके लिए प्राइवेसी जरूरी है तो Internet Use करते वक्त हर बार आपको VPN का उपयोग करना चाहिए। कुछ ऐसी परिस्थितिया होती है जब आपको VPN का Use करना ही चाहिए जैसे की Streaming करते वक्त, Travelling के दौरान, Public WiFi का उपयोग करते वक्त, Game खेलते समय और shopping के टाइम यह जरूरी होता है। 

Different types of VPN ?

VPN के दो सामान्य प्रकार होते है। 
1. Remote Types of VPN 
2. Site to Site VPN 

1. Remote Access VPN के द्वारा Users दूसरे नेटवर्क पर एक Private Encryption tunnel के जरिये कनेक्ट हो पाते है। इसके जरिये कंपनी के Internet Server या फिर Public Network से Connect हुआ जा सकता है। 

2. Site to Site VPN को Router to Router VPN भी कहा जा सकता है। इस Type का उपयोग ज्यादातर Corporate Area में किया जाता है। खासकर एक कंपनी के ज्यादा जगह पर Office होते है तब इसकी जरूरत पड़ती है। यह सभी Locations को एकसाथ Connect कर देता है। जिसे Intranet भी कहा जाता है।   

Benifits of VPN

इसके Use से आपकी Browsing History, IP Address, Location, Streaming Location, Device और Web Activity हाईड हो जाती है। 

Dis-Advantage of VPN 

Benifit के साथ इसके Dis-Advantage भी होते है। जैसे की Slow Speed, no cookies protection और not total privacy | इतना Secure होने के बाद भी VPN को Complete Privacy नहीं कहा जा सकता। VPN की मदत से हम ISP और Government की नजर से Data को छुपा सकते है। इसीलिए एक Trusted VPN Provider से ही Service लेना सही रहता है। 

सही VPN कैसे ले ?

1. Offer VPN Efficient Speed 
2. Keep Your Privacy Secure .
3. Provider Should Use Latest Protocol 
4. Should have Good Reputation 
5. Data Limits Match Your Requierments 
6. You Know the Location of Server   
7. You can have VPN Access on multiple Device 
8. Cost of VPN Should be Suitable 
9. Highest Encryption Available 
10. You Can have VPN Access on Multiple Device 
11. Free Trial Available 
12. Have the Facility to Back more ads 
यह सब चीजे देखकर, परखकर आप अच्छा VPN ले सकते है। 

VPN का Use हम किस Device में कर सकते है?

ऐसे सभी Device जो Internet से जुड़े हुए है उनमे हम VPN का उपयोग कर सकते है। 
अब आपको VPN क्या है इसकी पूरी जानकारी हो गई होगी लेकिन एक बात बता दू  इसका use गलत कामो के लिए करना  खतरनाक साबित हो सकता है। 

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